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चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) के कार्य

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) के कार्य चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) के कार्य और कर्तव्य इस प्रकार हैं: - रक्षा मंत्रालय में सैन्य मामलों के विभाग का नेतृत्व करना तथा इसके सचिव के रूप में कार्य करना। - तीनों सेनाओं के सभी मामलों पर रक्षा मंत्री के प्रधान सैन्य सलाहकार। -चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी का स्थायी अध्यक्ष। - तीनों सेनाओं के संगठनों/एजेंसियों/कमांडों का प्रशासन करना। - रक्षा मंत्री की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद का सदस्य बनना। - परमाणु कमान प्राधिकरण के सैन्य सलाहकार के रूप में कार्य करना। - तीनों सेनाओं के संचालन, रसद, परिवहन, प्रशिक्षण, सहायता सेवाओं, संचार, मरम्मत और रखरखाव आदि में संयुक्तता लाना। - बुनियादी ढांचे का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना और सेवाओं के बीच संयुक्तता के माध्यम से इसे युक्तिसंगत बनाना। - एकीकृत क्षमता विकास योजना के अनुसरण में पंचवर्षीय रक्षा पूंजी अधिग्रहण योजना और द्विवर्षीय रोल-ऑन वार्षिक अधिग्रहण योजनाओं को क्रियान्वित करना। -अनुमानित बजट के आधार पर पूंजी अधिग्रहण प्रस्तावों को अंतर-सेवा प्राथमिकता प्रदान करना। - तीनों सेनाओं के कामकाज में सुधार लाना, ...

पर्यावरणपर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986

EPA के प्रावधानों की विफलता, उल्लं पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986: परिचय: EPA, 1986 पर्यावरण सुरक्षा की दीर्घकालिक आवश्यकताओं के अध्ययन, योजना तथा कार्यान्वयन हेतु ढाँचा स्थापित करता है और पर्यावरण को खतरे में डालने वाली स्थितियों के लिये त्वरित और पर्याप्त प्रतिक्रिया की प्रणाली निर्धारित करता है।' पृष्ठभूमि: EPA का अधिनियमन जून, 1972 (स्टॉकहोम सम्मेलन) में स्टॉकहोम में आयोजित " मानव पर्यावरण पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन"  को देश में प्रभावी बनाने हेतु किया गया। ज्ञातव्य है कि भारत ने मानव पर्यावरण में सुधार के लिये उचित कदम उठाने हेतु इस सम्मेलन में भाग लिया था। अधिनियम स्टॉकहोम सम्मेलन में लिये गए निर्णयों को लागू करता है। संवैधानिक प्रावधान: EPA को  भारतीय संविधान के अनुच्छेद 253  के तहत अधिनियमित किया गया था, जो अंतर्राष्ट्रीय समझौतों को प्रभावी करने के लिये कानून बनाने का प्रावधान करता है। संविधान का अनुच्छेद 48A  निर्दिष्ट करता है कि राज्य पर्यावरण की रक्षा और सुधार करने तथा देश के वनों एवं वन्यजीवों की रक्षा करने का प्रयास करेगा। अनुच्छेद 51A में प्रावधान है ...

रक्षा मंत्रालयazadi ka amrit mahotsavभारत-श्रीलंका संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘मित्र शक्ति’-2023

भारत-श्रीलंका संयुक्त सैन्य अभ्यास "मित्र शक्ति-2023" सैन्य अभ्यास ‘मित्र शक्ति’ - 2023 में हेलीकॉप्टरों के अलावा ड्रोन और काउंटर मानव रहित हवाई प्रणालियों का उपयोग भी शामिल होगा।  आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान हेलीपैडों को सुरक्षित करने और हताहतों को निकालने का भी दोनों पक्षों द्वारा संयुक्त रूप से अभ्यास किया जाएगा।  सामूहिक प्रयास शांति स्थापना अभियानों के दौरान संयुक्त राष्ट्र के हितों और एजेंडा को सबसे आगे रखते हुए सैनिकों के बीच अंतरसंचालनीयता के उन्नत स्तर को प्राप्त करने और जीवन और संपत्ति के जोखिम को कम करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। दोनों पक्ष युद्ध कौशल के व्यापक स्पेक्ट्रम पर संयुक्त अभ्यास के दृष्टिकोण पक्ष और कार्य प्रणालियों का आदान-प्रदान करेंगे जो प्रतिभागियों को एक-दूसरे से सीखने की सुविधा प्रदान करेगा।  सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों को साझा करने से भारतीय सेना और श्रीलंकाई सेना के बीच रक्षा सहयोग का स्तर और बढ़ेगा। यह अभ्यास दोनों पड़ोसी देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को भी बढ़ावा देगा।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम

नारी शक्ति वंदन अधिनियम: महिला आरक्षण कानून से लोकसभा और विधानसभाओं में क्या बदलेगा, अभी कैसी है इनकी तस्वीर? नारी शक्ति वंदन अधिनियम के अंतर्गत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी सीटों पर आरक्षण का प्रावधान है। इसी 33 फीसदी में से एक तिहाई सीटें अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाओं के लिए आरक्षित की जानी है। अमल में आने के बाद क्या बदलेगा? मौजूदा समय में लोकसभा में कुल सदस्य संख्या 543 है। इस वक्त महिला सांसदों की संख्या 82 है। होने के बाद लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या बढ़कर 181 हो जाएगी।  इस अधिनियम में संविधान के अनुच्छेद- 239AA के तहत राजधानी दिल्ली की विधानसभा में भी महिलाओं को 33% आरक्षण दिया जाएगा। यानी, दिल्ली विधानसभा में भी 70 में से 23 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी। अन्य राज्यों की विधानसभाओं में भी महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण लागू किया जाएगा।  क्या अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए आरक्षित सीटों पर यह लागू होगा? हां, यानी कोटा के अंदर कोटा भी इस कानून में प्रावधान होगा। इस तरह जो सीटें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं...

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के बारे में। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान भारत सरकार की एक नई पहल है, जिसके तहत प्रत्येक माह की निश्चित नवीं तारीख को सभी गर्भवती महिलाओं को व्यापक और गुणवत्तायुक्त प्रसव पूर्व देखभाल प्रदान करना सुनिश्चित किया गया है। इस अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर उनकी गर्भावस्था के दूसरी और तीसरी तिमाही की अवधि (गर्भावस्था के 4 महीने के बाद) के दौरान प्रसव पूर्व देखभाल सेवाओं का न्यूनतम पैकेज प्रदान किया जाएगा। इस कार्यक्रम की प्रमुख विशेषता यह हैं, कि प्रसव पूर्व जांच सेवाएं ओबीजीवाई विशेषज्ञों/चिकित्सा अधिकारियों द्वारा उपलब्ध करायी जाएगी। निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों/चिकित्सकों को हर महीने की नवीं तारीख को उनके जिलों में सरकारी चिकित्सकों के प्रयासों के साथ स्वैच्छिक सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा हैं। माननीय प्रधानमंत्री जी ने मन की बात की हाल की कड़ी में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के लक्ष्य और शुरूआत के उद्देश्य पर प्रकाश डाला तथा निजी क्षेत्र के स्त्री रोग विशेषज्ञों/चिकित्सकों से उनकी स्वै...

विचारों पर विचार

विचारों पर विचार करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण टिप्स निम्नलिखित हैं: एक स्वस्थ मनोवृत्ति रखें: स्वस्थ मनोवृत्ति अपने विचारों पर काम करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। एक स्वस्थ मन और शरीर के साथ रहने के लिए नियमित व्यायाम करें, ठीक समय पर नींद लें, स्वस्थ आहार लें और ध्यान करें। सोच का विश्लेषण करें: अपने विचारों को विश्लेषण करने से आप उन्हें समझ सकते हैं और सही तरीके से उन पर काम कर सकते हैं। अपने विचारों को जरूरत और लक्ष्यों के अनुसार विश्लेषण करें। विचारों को नोट करें: विचारों को नोट करना उन्हें संग्रहीत और समझने में मदद करता है। आप अपने विचारों को नोटबुक, ऐप या अन्य इलेक्ट्रॉनिक साधनों में संग्रहीत कर सकते हैं। सकारात्मक विचारों को बढ़ावा दें: सकारात्मक विचारों को बढ़ावा देना अत्यंत महत्वपूर्ण है। आप अपने विचारों के साथ सकारात्मक दृष्टिकोण जोड़ सकते हैं जो आपके उद्देश्य पूर्ति में सहायक होगा।